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अजमेर, 22 अक्टूबर। उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए उपभोक्ता मामले विभाग की ओर विधिक माप विज्ञान अधिनियम 2009 के तहत टोल प्लाजा एवं धर्मकांटे के औचक निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। विधिक माप विज्ञान की सहायक नियंत्रक भावना दयाल द्वारा गुरूवार को अजमेर जिले में बादनवाड़ा स्थित टोल प्लाजा का निरीक्षण किया गया। एक टन के बाट मौके पर नहीं मिले तथा सत्यापन प्रमाण पत्र प्रदर्शित नहीं मिले। इस कारण राजस्थान प्रवर्तन नियम (विधिक माप विज्ञान अधिनियम) के अन्तर्गत 3000 का चालान बनाया गया। वहीं स्टेटिक वेइंग का सत्यापन फरवरी 2027 तक वैध मिला किन्तु वजन में अंतर आने के कारण पुनः सत्यापन करने हेतु पाबंद किया गया। पुनः सत्यापन के बाद ही प्रयोग में लेने के लिए निर्देशित किया गया। स्वचालित वेइंग में 22 कांटे लगे हैं जिनका सत्यापन जून 2027 तक वैध था तथा वजन मापने में सही पाया गया।

 

उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त अजमेर इण्डस्ट्रीज एलएलबी गेगल में असत्यापित धर्मकांटा मिला। इसमें विधिक-माप विज्ञान अधिनियम 2009 के तहत 7000 का जुर्माना जमा करवाया गया। श्री भोलेनाथ स्टोन क्रेशर पालरा – 7000 का चालान, शिवाक्रपा क्रेशर पालरा 7000 का चालान, वीर तेजा स्टोन क्रेशर पालरा कोन क्रेशर असत्यापित मिले विधिक माप विज्ञान अधिनियम की पालना हेतु पाबंद किया।

 

उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा की गई लगातार कार्यवाही का उद्देश्य टोल प्लाजा, धर्मकांटों के माध्यम से होने वाले व्यापारिक लेन-देन में तौल की शुद्धता सुनिश्चित करना। उपभोक्ताओं और नागरिकों के हितों की रक्षा करना है। सही तौल व्यवस्था, व्यापारिक पारदर्शिता और निष्पक्षता के लिए अत्यंत आवश्यक है। इसी उद्देश्य को पूरा करने हेतु विधिक माप विज्ञान अधिनियम 2009 की पालना करने हेतु सभी प्रतिष्ठानों को पाबंद किया जा रहा है।

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