अजमेर, 25 अक्टूबर। राजस्थान विधान सभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने रायपुर में राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मु से शिष्टाचार भेंट की। विधान सभा अध्यक्ष श्री देवनानी ने राष्ट्रपति को राजस्थान विधान सभा के प्रतीक चिह्न (लोगो) की प्रतिकृति भी भेंट की।
राष्ट्रपति से भेंट के दौरान विधान सभा अध्यक्ष श्री देवनानी ने राजस्थान विधान सभा के 75 वें वर्ष के अमृत महोत्सव में आयोजित किए जा रहे देशभर की महिला विधायकों के सम्मेलन के लिए उन्हें आमंत्रित किया। श्री देवनानी ने राष्ट्रपति को इस महत्वपूर्ण ऐतिहासिक सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में पधारने का अनुरोध करते हुए कहा कि उनके सानिध्य में राजस्थान विधान सभा को संवैधानिक आदर्शों के प्रति प्रतिबद्धता को और अधिक सुदृढ करने की प्रेरणा मिलेगी।
श्री देवनानी ने राष्ट्रपति को बताया कि राजस्थान विधान सभा वर्तमान में संसदीय लोकतंत्र की समृद्ध विरासत का जश्न मनाते हुए अपना 75वां अमृत महोत्सव मना रही है। इन महत्वपूर्ण समारोहों के एक जीवंत और अभिन्न अंग के रूप में, विधान सभा द्वारा 15 जुलाई 2026 को “पूर्व और वर्तमान सदस्यों का विधायी गौरव यात्रा समागम” आयोजित किया गया। विधान सभा के इतिहास में पहली बार आयोजित इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में भारत के उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन और लोक सभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने शिरकत की और समारोह को संबोधित किया। इस अनूठी पहल की सभी ने सर्वसम्मति से सराहना की।
श्री देवनानी ने राष्ट्रपति को बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की महिला सशक्तिकरण के लिए दूरदर्शी कार्य योजना से प्रेरणा लेते हुए, विधायी संस्थाओं में महिलाओं की भूमिका, सक्रिय भागीदारी और नेतृत्व को सशक्त बनाने के उद्देश्य से राजस्थान विधान सभा ने एक विशेष कार्यक्रम महिला विधायक सम्मेलन आयोजित करने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम राष्ट्रीय उद्देश्यों को सार्थक जमीनी कार्यों में रूपांतरित करने में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा। यह सम्मेलन लोकतांत्रिक शासन में महिलाओं के योगदान पर विचार-विमर्श के लिए भी उत्कृष्ट मंच बन सकेगा।
श्री देवनानी ने राष्ट्रपति से आग्रह किया कि उनकी उपस्थिति से देश भर की महिला विधायकों का मनोबल, उत्साह और आत्मविश्वास बढ़ेगा। साथ ही यह सम्मेलन एक अविस्मरणीय आयोजन में भी तब्दील हो जाएगा।
विधान सभा अध्यक्ष श्री देवनानी ने राष्ट्रपति के साथ राजस्थान विधान सभा की 75 वर्ष की गौरवशाली यात्रा के साथ ही पिछले दो वर्षों में राज्य विधान सभा में किए नवाचारों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि राजस्थान विधानसभा के नये भवन का उद्घाटन देश के राष्ट्रपति श्री आर. वेंकटरमन ने किया था। विधान सभा को देश के प्रथम प्रधानमंत्री श्री जवाहर लाल नेहरु और श्री अटल बिहारी वाजपेयी भी सम्बोधित कर चुके है। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु द्वारा भी 14 जुलाई, 2023 को विधान सभा को सम्बोधित किया गया था। श्री देवनानी ने कहा कि राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु द्वारा उस दौरान दिया गया प्रेरणादायक भाषण राजस्थान विधान सभा की सामूहिक स्मृति में गहराई से अंकित है। उनके द्वारा दिये गये संदेश विधान सभा को निरन्तर ऊर्जा प्रदान कर रहे हैं।
श्री देवनानी ने राष्ट्रपति को बताया कि विधान सभा के गठन के बाद पहली बार विधान सभा के सभी द्वारों के नाम रखने के साथ ही विधान सभा का प्रतीक चिह्न (लोगो) भी जारी किया गया है। इस लोगो में अशोक चिह्न, राष्ट्रीय ध्वज, विधान सभा का भव्य भवन, राज्य पशु ऊँट, राज्य पक्षी गोडावण, राज्य वृक्ष खेजड़ी के साथ संस्कृत के ध्येय वाक्य राष्ट्राय धर्मनिष्ठा विधायिका और धान की बाली का समावेश किया गया है।