अजमेर। अजमेर दरगाह से उठी गाय को राष्ट्रीय पशु बनाने की मांग एक महत्वपूर्ण सामाजिक-धार्मिक पहल है, जिसका उद्देश्य देश में सांप्रदायिक सद्भाव, सांस्कृतिक सम्मान और गो-संरक्षण को बढ़ावा देना है। दरगाह के दीवान सैयद सरवर चिश्ती और अन्य मुस्लिम धर्मगुरुओं ने केंद्र सरकार से गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की अपील की है।इस मांग का मुख्य उद्देश्य गाय को संवैधानिक दर्जा दिलाना, गोकशी पर पूर्ण प्रतिबंध लगाना और बीफ (गौमांस) के निर्यात को रोकना है। धर्मगुरुओं का मानना है। कि बहुसंख्यक हिंदू समुदाय की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करने और गो-रक्षा के नाम पर होने वाले विवादों को रोकने के लिए यह कदम महत्वपूर्ण है। अजमेर में मुस्लिम एकता मंच और अन्य संगठनों द्वारा उठाई गई आवाज में आवारा मवेशियों (दूध न देने वाली गायों) को सड़कों पर छोड़ने पर भी सख्त सजा की मांग की गई है। ताकि उन्हें कचरा और प्लास्टिक खाने से बचाया जा सके।