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अजमेर, 16 अप्रेल। जिला कलक्टर श्री लोक बन्धु की अध्यक्षता में जिला स्तरीय धरती माता बचाओ अभियान अन्तर्गत कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक का आयोजन किया गया। बैठक से संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) उषा चितारा ने धरती को स्वस्थ्य रखने के लिए रासायनिक उर्वरकों का कम से कम उपयोग करने एवं इसके स्थान पर जैविक खेती परम्परागत खेती पर विभाग द्वारा किये जा रहे कार्यों की विस्तार से जानकारी देते हुए आगामी खरीफ मौसम में रसायनिक उर्वरक को कम करने की गतिविधियों से अवगत कराया।

 

जिला कलक्टर श्री लोक बन्धु ने कहा कि धरती के बिगडते स्वास्थ्य को पुनः ठीक किया जाना आवश्यक है। इसके लिए वर्मी कम्पोस्ट, गोबर की खाद एवं हरि खाद (ढेंचा) के उपयोग में लिया जाए। आगामी खरीफ के लिए जिले में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध होंगे। इसके लिए कृषक किसी भी तरह से भ्रमित नहीं हों। किसान आवश्यकता के अनुसार ही उर्वरक का क्रय करें। अनावश्यक उर्वरक का क्रय नहीं करें। इसके लिए सीसीबी के प्रबन्ध निदेशक, उप रजिस्ट्रार एवं थोक आदान विक्रेताओं को आपसी समन्वय के साथ कार्य करना चाहिए। 

 

उन्होंने कहा कि जिले में यूरिया डायवर्जन, काला बाजारी एवं अवैध भण्डारण को रोकने के लिए जिले के समस्त उर्वरक निरीक्षकों द्वारा अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के दौरान 16 आदान विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए है। साथ ही दो उर्वरक विक्रेताओं के अनुज्ञा पत्रों को निलम्बन किया गया है। भविष्य में कृषकों को समझाईश करके जोत अथवा आवश्यकता के अनुसार ही उर्वरक प्रदान करें।

 

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और कृषि विभाग द्वारा खरीफ 2026 में मांग अनुसार उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। उर्वरकों की कालाबाजारी, डायवर्जन व जमाखोरी को रोकने के लिए कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा जिले भर में उपखण्ड एवं ग्राम पंचायत स्तर पर उर्वरक विक्रेताओं, यूरिया के गैर कृषि कार्य में उपयोग करने से रोकने के लिए सघन निरीक्षण किया जा रहा है। अनियमितता पाये जाने पर कठोर कार्यवाही की जा रही है।

 

जिला कलक्टर श्री लोक बन्धु ने कहा कि किसानों को किसी भी प्रकार से चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है। राज्य सरकार द्वारा उर्वरकों की उपलब्धता में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। विगत वर्षाे एवं अन्य राज्यों की तुलना में इस वर्ष अधिक मात्रा में समस्त प्रकार के उर्वरकों की उपलब्धता है। जिले में उर्वरकों के विक्रय, अवैध भण्डारण, कालाबाजारी एवं अनुदानित यूरिया के दुरुपयोग को रोकने के लिये औचक निरीक्षण कर छापेमारी की कार्यवाही की गई है।

 

उन्होंने कृषकों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड में अंकित सिफारिश के अनुसार ही उर्वरकों के उपयोग के लिए प्रेरित करने, हरी खाद का उपयोग करने, जैविक खेती व प्राकृतिक खेती को बढावा देने तथा उर्वरकों का समान रूप से पारदर्शिता के साथ वितरण कराने और उर्वरक वितरण में अनियमितता बरतने वाले विक्रेताओं, जमाखोरों और कालाबाजारी करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही हेतु समस्त अधिकारियों को निर्देशित किया गया। किसानों को सलाह दी गई है कि वे फसलों की बुवाई के समय ही मांग अनुसार उर्वरकों का क्रय करें। साथ ही रासायनिक उर्वरकों का उपयोग कम करते हुये अन्य वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग को बढावा दिया जावे।   

 

इस अवसर पर अतिरिक्त जिला कलक्टर सुश्री ज्योति ककवानी, अजमेर सेन्ट्रल कॉपरेटिव बैंक के प्रबन्ध निदेशक श्री हरिश सिवासिया, उप रजिस्ट्रार श्री राजीव कजोट, उप निदेशक उद्यान डॉ. के. पी. सिंह, सहायक निदेशक अनुप्रिया यादव, अजमेर जिला आदान विक्रेता संघ के अध्यक्ष श्री कृष्ण गोपाल अग्रवाल एवं कम्पनी तथा उर्वरक के थोक विक्रेता उपस्थित रहे।

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