अजमेर। अमेरिका और इज़राइल के हमलों के कारण उसे अब तक लगभग 270 अरब डॉलर (यानी ₹25 लाख करोड़ से अधिक) का आर्थिक नुकसान हुआ है। तेहरान इस हानी के लिए हर्जाना मांग रहा है और इसे आगामी वार्ताओं के लिए एक प्रमुख शर्त बना रहा है। इस संघर्ष में लगभग 3,000 लोग मारे जा चुके हैं। हमलों से ईरान को भारी जन-धन की हानि हुई है। होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी से तेल की कीमतों में उछाल आया है। जिससे वैश्विक आर्थिक संकट की स्थिति बनी है। युद्ध के कारण भारतीय शेयर बाजारों में निवेशकों को ₹25 लाख करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ है। संयुक्त राष्ट्र (UNDP) की रिपोर्ट के अनुसार, इस तनाव से भारत सहित एशिया में करीब 25 लाख लोग गरीबी रेखा से नीचे जा सकते हैं।