अजमेर। राजस्थान के सभी बड़े सरकारी अस्पतालों में खुद के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट एसटीपी बनाए जाएंगे। इसमें इन अस्पतालों से निकलने वाले बायो लिक्विड मेडिकल वेस्ट शहर के प्रमुख सीवरेज से जाने से रोका जा सकेगा। इससे संक्रमण का खतरा कुछ हद तक काम हो पाएगा। अजमेर के जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय में 1.1 एमएलडी और जानना अस्पताल में 4 एमएलडी के एसटीपी बनने की कावड़ शुरू हुई है। जानना अस्पताल में प्रथम दृश्य 1200 मीटर लाइन डाली जा चुकी है बायो मेडिकल वेस्ट में बहुत जीवाणु, विषाणु होते हैं। उनसे गंभीर बीमारियां होने का खतरा बढ़ जाता है। बायो वेस्ट का निस्तारण कर सेश बचे हुए पानी का उपयोग परिसर में स्थित पेड़ पौधे में खाद के रूप में किया जाएगा। सोर्स पत्रिका