अजमेर। अजमेर नगर निगम चुनाव 2026 के नतीजों में भाजपा को बड़ा झटका लगा है। जिससे 36 साल बाद वहां त्रिशंकु बोर्ड (Hung Board) की स्थिति बन गई है। शहर के दोनों विधानसभा क्षेत्रों (अजमेर उत्तर से विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी और अजमेर दक्षिण से अनीता भदेल) में भाजपा के कद्दावर विधायक होने के बावजूद पार्टी बहुमत के आंकड़े से दूर रह गई है। अजमेर नगर निगम चुनाव के नतीजे सामने आने के बाद अब शहर की सरकार बनाने को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। 80 वार्डों वाले अजमेर नगर निगम में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है। कांग्रेस 37 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। जबकि भाजपा को 32 वार्डों में जीत मिली है। 11 निर्दलीय पार्षदों ने भी जीत दर्ज की है। ऐसे में नगर निगम में मेयर और डिप्टी मेयर की कुर्सी तक पहुंचने के लिए भाजपा और कांग्रेस दोनों को निर्दलीय पार्षदों के समर्थन की जरूरत है।