अजमेर। अजमेर नगर निगम के सभी 80 वार्डों के नतीजों में कांग्रेस 37 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी। जबकि बीजेपी को 32 और निर्दलीयों को 11 सीटें मिलीं। किसी भी दल को बहुमत नहीं मिलने से अब बोर्ड गठन की चाबी निर्दलीय पार्षदों के हाथ में है। बीजेपी के गढ़ माने जाने वाले अजमेर में कांग्रेस की बढ़त को बड़ा सियासी झटका माना जा रहा है। दोनों दल निर्दलीयों को अपने पाले में लाने की कोशिश कर रहे हैं। और पार्षदों की बाड़ेबंदी शुरू हो गई है। ऐसे में क्रॉस वोटिंग और जोड़-तोड़ के बीच अजमेर का अगला मेयर कौन होगा। यह निर्दलीयों के रुख से तय होगा।