अजमेर, 10 अप्रैल। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार लोहागल स्थित माँ करणी कृपा उच्च माध्यमिक विद्यालय में साइबर सुरक्षा विषय पर एक दिवसीय विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में श्री महेंद्र कुमार ढाबी न्यायाधीश मोटर वाहन दुर्घटना दावा अधिकरण एवं प्रशिक्षु न्यायाधीश सुश्री पूजा जनागल ने विद्यार्थियों को डिजिटल दुनिया की चुनौतियों और उनसे बचाव के कानूनी उपायों की विस्तृत जानकारी दी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए न्यायाधीश श्री ढाबी ने बताया कि आज के डिजिटल युग में जहाँ इंटरनेट हमारे जीवन का अभिन्न अंग बन गया है, वहीं साइबर अपराधों का ग्राफ भी तेजी से बढ़ रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य स्कूली विद्यार्थियों को इंटरनेट के सुरक्षित उपयोग की जानकारी देना और उन्हें उनके विधिक अधिकारों के प्रति सचेत करना है। उन्होंने विद्यार्थियों को सरल एवं सहज भाषा में समझाया कि छोटी-सी सावधानी उन्हें बड़े साइबर वित्तीय जोखिमों और मानसिक उत्पीड़न से बचा सकती है।
शिविर के दौरान विद्यार्थियों को ऑनलाइन फ्रॉड, फेक कॉल, संदिग्ध मैसेज और सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई। न्यायाधीश ने विशेष रूप से पासवर्ड की मजबूती, अपना ओटीपी किसी के साथ साझा न करने और साइबर बुलिंग जैसी समस्याओं पर प्रकाश डाला। इसके साथ ही सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम से संबंधित विभिन्न कानूनी प्रावधानों के बारे में भी विद्यार्थियों को जागरूक किया गया। इससे वे स्वयं को और अपने परिवार को साइबर अपराधियों के चंगुल से सुरक्षित रख सकेंगे।
आयोजन को रोचक बनाने के लिए चर्चा को संवादात्मक तरीके से प्रस्तुत किया गया। इसमें विद्यार्थियों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया। साइबर सुरक्षा से जुड़े कई प्रश्न पूछे। न्यायाधीशों द्वारा विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्हें एक जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनने की शपथ दिलाई गई। विद्यालय प्रशासन ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों में विधिक जागरूकता बढ़ाने और उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सराहनीय कदम हैं।