Wed. Oct 28th, 2026
IMG_20261028_192202

 

 

अजमेर, 28 अक्टूबर। विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी के प्रयासों से अजमेर में रिंग रोड की दिशा में प्रमुख सड़कों के विकास एवं विस्तार के लिए अजमेर विकास प्राधिकरण (एडीए) ने 18.49 करोड़ रुपये की स्वीकृति जारी की है। इसके तहत माकड़वाली रोड पर भैरूवाड़ा तिराहे से नागौर हाईवे तक सड़क निर्माण तथा पृथ्वीराज नगर से रातीडांग-चौरसियावास होते हुए नौसर घाटी तक 200 फीट मास्टर प्लान रोड पर ग्रेन्युलर सब-बेस सड़क निर्माण कराया जाएगा। इसके साथ ही वरुण सागर झील को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के लिए डीपीआर तैयार करने की स्वीकृति भी जारी की गई है।

 

विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी के निर्देश पर एडीए की ओर से माकड़वाली रोड पर भैरूवाड़ा तिराहे से नागौर हाईवे तक सड़क निर्माण के लिए 11.19 करोड़ रुपये की स्वीकृति जारी की गई है। इसी प्रकार पृथ्वीराज नगर से रातीडांग-चौरसियावास होते हुए नौसर घाटी तक 200 फीट मास्टर प्लान रोड पर ग्रेन्युलर सब-बेस सड़क निर्माण के लिए 7.30 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। दोनों परियोजनाओं पर कुल 18.49 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

 

इन सड़कों के विकास से शहर के प्रमुख मार्गों को बेहतर संपर्क सुविधा मिलेगी तथा यातायात के दबाव को कम करने में सहायता मिलेगी। रिंग रोड की दिशा में सड़क नेटवर्क विकसित करने के लिए विभिन्न मार्गों पर सेक्टरवार विकास एवं विस्तार के कार्य किए जाएंगे।

 

अजमेर शहर में रिंग रोड की दिशा में चार प्रमुख मार्गों के विकास एवं विस्तार की योजना है। इनमें नगर निगम के नए कार्यालय से लोहागल होते हुए नागौर हाईवे तक, स्टीफन चौराहे से भैरूवाड़ा-माकड़वाली होते हुए नागौर हाईवे तक, पृथ्वीराज नगर से रातीडांग-चौरसियावास होते हुए नौसर घाटी तक तथा रेयान स्कूल से हाथीखेड़ा होते हुए वरुण सागर एवं खरेखड़ी रोड तक सड़क निर्माण कार्य शामिल हैं।

 

इन मार्गों के विकास से अजमेर उत्तर क्षेत्र में सड़क संपर्क को बेहतर बनाने तथा यातायात के बढ़ते दबाव को कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही पुष्कर घाटी के वैकल्पिक मार्ग के रूप में वरुण सागर से पुष्कर मार्ग के विकास से आवागमन को सुगम बनाने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।

 

एडीए ने वरुण सागर झील को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के लिए 35.40 लाख रुपये की लागत से डीपीआर तैयार करने की वित्तीय स्वीकृति भी जारी की है। इसमें वेटलैंड क्षेत्र एवं जलग्रहण क्षेत्र की स्थिति, जल विज्ञान, पर्यावरण संरक्षण, जल गुणवत्ता, ड्रेनेज सिस्टम तथा प्रदूषण नियंत्रण से संबंधित पहलुओं को शामिल किया जाएगा। डीपीआर के आधार पर झील के समग्र विकास एवं सौन्दर्यीकरण की योजना तैयार की जाएगी।

 

इसी प्रकार एडीए ने क्षेत्राधिकार में आने वाले पार्कों, उद्यानों, सड़कों के किनारे पौधारोपण, हरित पट्टियों तथा सार्वजनिक स्थलों के सौन्दर्यीकरण एवं रख-रखाव के लिए पृथक उद्यानिकी खंड का गठन किया गया है। इसमें एक अधिशाषी अभियंता, एक सहायक अभियंता तथा एक कनिष्ठ अभियंता को शामिल किया गया है।

 

यह खंड पार्कों एवं उद्यानों के विकास, हरित क्षेत्रों के रख-रखाव, सड़क किनारे एवं सार्वजनिक स्थलों पर पौधारोपण, लैंडस्केपिंग तथा सिंचाई व्यवस्था से संबंधित कार्यों की योजना एवं क्रियान्वयन की निगरानी करेगा। साथ ही पौधों के संरक्षण, उद्यानिकी कार्यों के प्राक्कलन तैयार करने, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की निगरानी तथा नियमित रख-रखाव की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *