अलविदा बशीर बद्र… मोहब्बत के शायर, इत्तेफाकों से भरी रही जिनकी जिंदगानी AajTakमुसाफ़िर हैं हम भी, मुसाफ़िर हो तुम भी… नहीं रहे मशहूर शायर बशीर बद्र The Wire – Hindiउर्दू के अजीम शायर डॉ. बशीर बद्र का इंतकाल: मेरठ में 1987 के दंगों के दर्द से निकली शायरी बनी कालजयी पंक्ति… Dainik Bhaskarहज़ारों शेर मेरे सो गए कागज़ की कब्रों में… बहुत याद आओगे बशीर बद्र News18 Hindiलोगों को हमेशा याद रहने वाले डॉ. बशीर बद्र की अंतिम दिनों में डिमेंशिया की वजह से कमजोर हो गई थी याददाश्त Navbharat Times