अजमेर। अजमेर शहर के जवाहरलाल नेहरू (JLN) अस्पताल में इन दिनों नर्सिंग स्टाफ, सफाई कर्मचारियों और अस्पताल प्रशासन के बीच तीखा विवाद और विरोध-प्रदर्शन चल रहा है। अपनी लंबित मांगों को लेकर नर्सिंग कर्मियों ने पिछले कुछ दिनों से रोजाना 2 घंटे का कार्य बहिष्कार और गेट मीटिंग की। विरोध तेज करते हुए कर्मचारियों ने इमरजेंसी गेट के बाहर डिप्टी सुपरिंटेंडेंट डॉ. अमित यादव का पुतला जलाया और नारेबाजी की। पुतला दहन से नाराज होकर डॉ. अमित यादव सहित प्रशासनिक भवन के अधिकारी और कर्मचारी कामकाज छोड़कर बाहर धरने पर बैठ गए। प्रशासनिक कर्मचारियों ने पेन डाउन हड़ताल शुरू कर दी और डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ने कोतवाली थाने में शिकायत देकर पुतला दहन करने वाले कर्मियों पर कार्रवाई व निलंबन की मांग की है। प्रतिनिधि गंगा शरण जाटव और धर्मेंद्र चौधरी के अनुसार, राजमेस (RajMES) कर्मियों का 5-6 महीने का वेतन बकाया है। 2 साल से वर्दी भत्ता नहीं मिला है, चाइल्ड केयर लीव और पीएल सरेंडर के पैसे अटके हैं। साथ ही उन्होंने डॉ. अमित यादव पर कर्मचारियों को प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए उन्हें पद से हटाने की मांग की है। डिप्टी सुपरिंटेंडेंट डॉ. अमित यादव का कहना है कि 230 में से 165 कर्मचारियों की सैलरी आईडी बनाकर अकाउंट्स शाखा को भेजी जा चुकी है, एसीपी-एमएसीपी और वर्दी भत्तों की प्रक्रिया भी नियमों के तहत आगे बढ़ाई गई है।