अजमेर 30 नवम्बर। अजमेर जिले में रबी मौसम में अब तक 327178 हैक्टर क्षेत्र में बुवाई हो चुकी है जिसमें से लगभग आधा रकबा चने का है। अन्य मुख्य फसलों में सरसों, गेहूं, जौ, सब्जियां और हरा चारा है । कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक श्री संजय तनेजा ने बताया कि जिले में केकड़ी, सावर और सरवाड़ क्षेत्रों में सरसों और गेहूं का रकबा अधिक होने से उर्वरक की खपत भी अधिक है । इस वर्ष अच्छी बारिश होने से सिंचाई जल की उपलब्धता होने से क्षेत्र में बुवाई का रकबा भी बढ़ा है और किसान एक साथ बुवाई कर पाए है। इससे उर्वरक की आवश्यकता भी एक साथ उत्पन्न हुई है। विदित हो स्थानीय विधायक श्री शत्रुघ्न गौतम क्षेत्र के किसानों के लिए सहकारी समितियों पर यूरिया आपूर्ति की लगातार मांग कर रहे थे। परिणाम स्वरूप दौराई रेल्वे लोडिंग प्वाइंट पर इफको की एक रैक का प्लेसमेंट मिल पाया है। इस आवंटन से केकड़ी, सावर, सरवाड़ सहित सम्पूर्ण जिले में 1750 मैट्रिक टन यूरिया की आपूर्ति संभव हुई है। लगभग 702 मेट्रिक टन की आपूर्ति विभिन्न सहकारी समितियों को की जा चुकी है, शेष लगातार जारी है । यूरिया के सहकारी समितियों पर सुलभ वितरण प्रबंधन एवं निरंतर पर्यवेक्षण के लिए उपखण्ड अधिकारी सावर , केकड़ी और सरवाड़ के स्तर पर आदेश जारी कर कृषि पर्यवेक्षक, पटवारी और ग्राम विकास अधिकारी की प्रत्येक समिति के साथ मेप कर डयूटी लगाई गई है । दौराई रैक प्वाइंट से नजदीकी जिले नागौर को 150 टन, ब्यावर 300 टन, टोंक को 700 टन तथा जयपुर को 200 टन का आवंटन दिया गया है। इससे उपयुक्त समय पर आपूर्ति मिलने से किसानों को राहत मिली है ।
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