अजमेर, 29 अगस्त। जिले में सड़क सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने एवं सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिला कलक्टर श्री लोकबंधु ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए कार्य योजनाओं पर समयबद्ध क्रियान्वयन की आवश्यकता है।
श्री लोकबंधु ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु होने पर कमेटी द्वारा गहन समीक्षा की जानी आवश्यक है। उन्होंने सम्बंधित अधिकारी को प्रतिमाह आईआरएडी पोर्टल अनुसार दुर्घटनाओं का विश्लेषण कर प्रतिमाह आवश्यकतानुसार सुधारात्मक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए आईआरएडी पोर्टल पर दर्ज डाटा का विश्लेषण कर विभाग आपसी समन्वय से आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाएं।
उन्होंने कहा कि जिले में चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स पर सड़क सुरक्षा मानकों के अनुरूप आवश्यक सुधार जैसे मीडियन कट बंद करना, चेतावनी संकेतक लगाना, सड़क की सतह का उन्नयन एवं सर्विस रोड निर्माण कार्य पूर्ण किए जाएं। उन्होंने नागफणी तिराहे पर ट्रैफिक सिग्नल लगाने एवं आवश्यकतानुसार गति अवरोधक निर्माण करने के निर्देश दिए। सड़क पर अतिक्रमण के विरुद्ध नियमित कार्यवाही करने को कहा ।
उन्होंने वाहनों पर रिफ्लेक्टिव टेप लगाने , फिटनेस जांच कराने एवं अंडर रन प्रोटेक्शन डिवाइस लगाने के निर्देश दिए। साथ ही निराश्रित पशुओं को यातायात अवरोध होने के कारण कांजीभवन, गोशाला एवं नंदीशालाओ में छोड़ा जाए।
उन्होंने राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्ग पर दुर्घटना संभावित क्षेत्रों एवं पशुओं के आवागमन वाले क्षेत्रों पर चेतावनी चिह्न लगाने , पशुओं के रिफ्लेक्टिव टेप लगाने , पेट्रोलिंग वाहन द्वारा नियमित रूप से अवैध पार्किंग एवं निराश्रित पशुओं को हटाने
के निर्देश दिए। साथ ही ग्राम पंचायत में जीवन रक्षा मित्रो को प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए।
उन्होंने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को वाहन चालकों की नेत्र जांच के लिए प्राथमिकता से चिकित्सा शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए । राजमार्गों पर दुर्घटना की स्थिति में त्वरित चिकित्सा सुविधा के लिए ट्रॉमा सेंटरों में 24 घंटे चिकित्सकीय सेवाएं, उपकरण एवं कार्मिक सुनिश्चित किए जाएं। एंबुलेंस की री पोजिशनिंग कर उन्हें रणनीतिक स्थलों पर तैनात किया जाए। इससे वे समय पर घटनास्थल पर पहुंच सकेंगी।
उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा को लेकर आमजन में जागरूकता बढ़ाने के लिए विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं कोचिंग संस्थानों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। विद्यार्थियों को हेलमेट एवं सीट बेल्ट के उपयोग, तेज गति और नशे में वाहन नहीं चलाने जैसे नियमों की जानकारी दी जाए। इन नियमों के उल्लंघन पर प्रवर्तन एजेंसियां सख्त कार्यवाही करें।
उन्होंने श्रम विभाग के अधिकारियों को वाहन यूनियनों के माध्यम से वाहन चालको के कार्य समय एवं नेत्र जांच के संबंध में जानकारी देने के निर्देश दिए। साथ ही नियम विरुद्ध संचालित मदिरा दुकानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए । नगर निगम के अधिकारियों को मानसून के दृष्टिगत निर्देशित किया गया कि सीवरेज चैंबरों की स्थिति की जांच कर आवश्यक मरम्मत कराई जाए। साथ ही संवेदनशील स्थानों पर साइनबोर्ड, रेलिंग एवं सेफ्टी वॉल लगाकर दुर्घटनाओं की रोकथाम की जाए।
इस अवसर पर अतिरिक्त जिला कलक्टर श्री गजेंद्र सिंह राठौड़, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री हिमांशु जांगिड़ , अजमेर विकास प्राधिकरण के सचिव श्री अनिल पूनिया , जिला परिवहन अधिकारी श्री प्रकाश टहलयानी, सार्वजनिक निर्माण विभाग , चिकित्सा विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।