अजमेर, 12 जनवरी। राष्ट्रीय ग्रीन ट्रिब्यूनल एवं केन्द्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आदेशों की अनुसार नाईलोन अथवा किसी अन्य सिंथेटिक सामग्री से बने और सिंथेटिक पदार्थ से लेपित, चायनीज और गैर बायोडिग्रेडेबल मांझे और धागे का उपयोग प्रतिबंधित है। पशुधन विकास के उपनिदेशक डॉ. मुदित माथुर ने बताया कि इस प्रकार के मांझे का निर्माण, विक्रय एवं उपयोग नहीं किया जा सकता है। उल्लंघन करने वालों के विरूद्ध पशु क्रूरता का निवारण अधिनियम 1960 व पर्यावरण संरक्षण नियम 1986 के तहत कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। पतंग उड़ाने का समय सीमित रखा जाना चाहिए। सूर्याेदय के बाद सुबह 6 से 8 बजे तक एवं सायंकाल 5 से 7 बजे तक का समय पक्षियों के उडान तथा विचरण का होता है। अतः इस समय पतंग नहीं उड़ाएं। पक्षी आवासों एवं घने पेड़ों आदि के आसपास पतंगबाजी नहीं करें। इससे पड़ों में पतंग का धागा नहीं उलझे। पतंग उड़ाने वाले छोटे बच्चों को भी इस बारे में शिक्षित करें। मकर सक्रांति पर्व के अवसर पर घायल पक्षियों को अपने निकटस्थ पशु चिकित्सा केन्द्र अथवा बहुउद्देशीय पशु चिकित्सालय अजमेर में उपचार के लिए ले जा सकते है। पशु चिकित्सालय का हैल्पलाईन नम्बर 0145-2429447 है।
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