Wed. Jan 14th, 2026
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अजमेर। जयपुर: राजधानी जयपुर में शिक्षकों की विभिन्न लंबित मांगों को लेकर 12 जनवरी को चेतावनी महारैली का आयोजन किया जाएगा. इसके साथ ही शिक्षकों के टेट उत्तीर्ण करने की अनिवार्यता के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार करने की मांग की जाएगा. वहीं, प्रदेश में जर्जर भवनों वाले स्कूलों को दूसरे विद्यालयों में शिफ्ट करने के आदेश को पूर्णतया अव्यवहारिक बताते हुए जर्जर भवनों की मरम्मत के लिए सरकार से अविलंब बजट जारी करने की मांग रखी जाएगी. 

 

*शिक्षकों की क्या-क्या मांगें हैं:*

 

अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी महासंघ के जिलाध्यक्ष पोखरमल व राजस्थान शिक्षक संघ (शेखावत) के प्रदेश महामंत्री उपेंद्र शर्मा ने बताया कि 12 जनवरी को महासंघ के बैनर तले जयपुर में चेतावनी महारैली का आयोजन किया जाएगा. प्रदर्शन के दौरान संयुक्त कर्मचारी महासंघ के बैनर तले सरकार से शिक्षकों की लंबीत मांगे पूरी करने के साथ ही जर्जर भवनों की आड़ में बड़ी संख्या में विद्यालयों को बंद करने के प्रयास का विरोध जताया जाएगा.

 

*प्रदेश भर के शिक्षक ओपीएस लागू करने की मांग:*

 

शिक्षा का निजीकरण और ठेका प्रथा बंद करने की मांग

कम नामांकन वाले या जर्जर भवन के बहाने स्कूलों को बंद करने की योजना का विरोध

शिक्षकों के टेट उत्तीर्ण करने की अनिवार्यता के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट से पुनर्विचार करने की मांग भी रखी जाएगी. उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार जर्जर भवनों की आड़ में विद्यालयों को बंद करने का प्रयास कर रही है. सरकार ने हजारों विद्यालयों को पहले ही बंद कर दिया था और अब जर्जर भवनों को ठीक नहीं करवाने की अपनी नाकामी को विद्यालयों को बंद करने का आधार बना लिया है. जर्जर भवनों की आड़ में विद्यालयों को बंद करना शिक्षक संघ बर्दाश्त नहीं करेगा.

 

*जर्जर स्कूल बिल्डिंग की मरम्मत के लिए बजट की मांग:*

 

प्रदेश में जर्जर बिल्डिंग वाले स्कूलों को दूसरे विद्यालयों में शिफ्ट करने के आदेश सरकार ने जारी किए हैं. सरकार के इस आदेश से बड़ी संख्या में स्कूलों को दूसरे राजस्व गांव के स्कूल में 2 से 3 किलोमीटर दूर शिफ्ट किया गया है. जहां आवागमन का कोई साधन नहीं है, ऐसे हालात में बच्चे उस स्कूल में नहीं पहुंच पाएंगे. बालिकाओं को इतनी दूर भेजने से अभिभावक भी कतराएंगे, जिससे बड़ी संख्या में बच्चों का ड्रॉप आउट होने की आशंका भी है. महासंघ ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि जर्जर भवनों की मरम्मत के लिए अभिलंब बजट जारी किया जाए जिससे स्कूलों के भवन की मरम्मत हो सके या नए भवन का निर्माण हो सके. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार इस अव्यावहारिक आदेश को वापस ले, अन्यथा शिक्षक संगठन को छात्र हित में शैक्षणिक ढांचे को बचाने के लिए बड़ा आंदोलन करना पड़ेगा जिसकी सारी जिम्मेदारी सरकार की होगी

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